Wednesday, April 10, 2013

* पहेली... ( शायरी अन्दाज में )...


पहेली बूझो तो,  क्या है सौत-ओ-चिराग दिल्ली ।
बूझ लिया तो वाह वाह
है , नहीं तो उड़ेगी खिल्ली ।।

बूझा-हल...
----------
सारे जहान को रोशन, करता है एक चिराग ।
चिराग दिल में है, वो दिल है दिले-दिमाग ।।
चिराग में गैबी-सौत है, सौत हयात का आब ।
आब बनाता बन्दे को, आज़ाद मस्ताना साब ।।
~ICoBhaLo~

No comments:

Post a Comment