पहेली बूझो तो, क्या है सौत-ओ-चिराग दिल्ली ।
बूझ लिया तो वाह वाह है , नहीं तो उड़ेगी खिल्ली ।।
बूझा-हल...
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सारे जहान को रोशन, करता है एक चिराग ।
चिराग दिल में है, वो दिल है दिले-दिमाग ।।
चिराग में गैबी-सौत है, सौत हयात का आब ।
आब बनाता बन्दे को, आज़ाद मस्ताना साब ।।
~ICoBhaLo~

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